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NCERT Solutions For Class 10 Hindi Kshitij Chapter 1 Surdas (2025-26)

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Download Free NCERT Solutions PDF for Class 10 Hindi Kshitij Chapter 1 (Surdas ke Pad) – 2025-26

Understanding Surdas ke Pad can be tricky, but our Class 10 Surdas ke Pad question answer solutions make it simple. Each answer explains the poet’s thoughts and emotions, helping you connect with the divine love and devotion expressed in the verses.

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With our Class 10 Hindi Chapter 1 Surdas ke Pad question answer, students can easily grasp the interaction between Lord Krishna and the Gopis, and appreciate the depth of Surdas’ poetic style. These Class 10 Hindi Kshitij NCERT Solutions guide you step by step, making it easier to prepare for exams without memorizing blindly.


Our Class 10th Kshitij Chapter 1 question answer PDF provides clear and easy-to-understand explanations, so you can revise quickly and strengthen your understanding of Surdas’ poetry. Now solving NCERT questions is no longer stressful!

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प्रश्न अभ्यास

1. गोपियों द्वारा उद्धव को भाग्यवान कहने में क्या व्यंग्य निहित है?

उत्तर: गोपियों उद्धव को भाग्यवान कहके व्यंग कसती हैं की जो मनुष्य श्री कृष्णा के साथ हमेशा रहता है, उनका सखा है भाग्यशाली है की उसे कृष्ण प्रेम का भाव नहीं पता चला है अर्थात अभागी उद्धव कृष्ण के पावन प्रेम से वंचित हैं जो कि सबसे सुन्दर अनुभूति है।

2. उद्धव के व्यवहार की तुलना किस-किस से की गई है?

उत्तर: उद्धव के व्यवहार की तुलना दो तरह की वस्तुओं से की गई है :

(क) कमल के पत्ते से जो पानी में रहकर भी गीला नहीं होता है छीटें तक अपने पर नहीं पड़ने देता। 

(ख) तेल में डूबी गागर से जो तेल के कारण पानी से गीली नहीं होती है अथवा उस पर पानी की एक बूंद भी नहीं टिकती।


3. गोपियों ने किन-किन उदाहरणों के माध्यम से उद्धव को उलाहने दिए हैं?

उत्तर: गोपियों ने निम्नलिखित उदाहरणों के माध्यम से उद्धव को उलाहने दिए हैं ।

(क) कमल के पत्ते

(ख) प्रेम की नदी 

(ग) तेल की गगरी

गोपियाँ उलाहना करती है की उद्धव श्री कृष्ण के प्रेम में कभी डूब ही नहीं पाए, वो नदी प्रेम की जो सदैव उनके पास थी उसको उन्होंने कभाई देखा तक नहीं अर्थात कितने अभागी हैं उद्धव जो प्रेमपूर्ण कृष्ण के प्रेम से वंचित रह गए।

4. उद्धव द्वारा दिए गए योग के संदेश ने गोपियों की विरहाग्नि में घी का काम कैसे किया?

उत्तर: श्रीकृष्ण के मथुरा चले जाने पर गोपियाँ पहले से विरहाग्नि में जल रही थीं। वे तत्पर श्रीकृष्ण के दर्शन का इंतज़ार कर रही थी।  वे उन्हें अपने मन की प्रीत से रूबरू कराना चाहती थी परन्तु  ऐसे में जब श्रीकृष्ण ने उद्धव से योग साधना का संदेश भिजवा दिया तथा उनको भूल जाने की बात कही तब गोपियों का ह्रदय कांच के समान चूर-चूर हो गया। जिससे उनकी व्यथा कम होने के बजाय और भी बढ़ गई । इस तरह उद्धव द्वारा दिए गए योग के संदेशों ने गोपियों की विरहाग्नि में घी का काम किया।

5. ‘मरजादा न लही’ के माध्यम से कौन-सी मर्यादा न रहने की बात की जा रही है?

उत्तर: प्रेम की यही मर्यादा है की  प्रेमी और प्रेमिका दोनों एक दूसरे के प्रति प्रेम रखें तथा उसे निभाए। वे प्रेम की सच्ची भावना को समझें और उसकी मर्यादा की रक्षा करें परंतु यहाँ श्री कृष्ण ने गोपियों के प्रेम को ठेस पहुंचाई है उन्हें योग-संदेश भेज के। उन्होंने प्रीत निभाने की बजाय उनके लिए नीरस योग-संदेश भेज दिया, जो कि एक छलावा था, भटकाव था। इसी छल को गोपियों ने मर्यादा का उल्लंघन कहा है।


6. कृष्ण के प्रति अपने अनन्य प्रेम को गोपियों ने किस प्रकार अभिव्यक्त किया है?

उत्तर: गोपियों ने कृष्ण के प्रति अपनी अनन्य भक्ति की अभिव्यक्ति निम्नलिखित रूपों में की है :

(क) वे अपनी स्थिति गुड़ से चिपटी चींटियों जैसी पाती हैं जो किसी भी दशा में कृष्ण प्रेम से दूर नहीं रह सकती हैं।

(ख) वे श्रीकृष्ण और अपने प्रेम को हारिल की लकड़ी के समान मानती हैं।

(ग) वे श्रीकृष्ण के प्रति मन-कर्म और वचन से समर्पित हैं।

(घ) उन्हें कृष्ण प्रेम के आगे योग संदेश कड़वी ककड़ी जैसा लगता है।

()  वे सोते-जागते, दिन-रात कृष्ण का जाप करती हैं।

7. गोपियों ने उधव से योग की शिक्षा कैसे लोगों को देने की बात कही है?

उत्तर: गोपियों उद्धव से कहती है की वे योग की शिक्षा ऐसे लोगों को दें जिनके मन स्थिर नहीं अर्थात चंचल हैं। जिन्होंने कृष्ण प्रेम की अनुभूति नहीं की हो क्यूंकि वे ही योग करने में सक्षम है, हमे तो कृष्ण प्रीत प्राप्त है हमे योग कहा भायेगा।


8. प्रस्तुत पदों के आधार पर गोपियों का योग-साधना के प्रति दृष्टिकोण स्पष्ट करें।

उत्तर: सूरदास द्वारा रचित इन पदों में गोपियों की कृष्ण के प्रति एकनिष्ठ प्रेम, भक्ति, आसक्ति और स्नेहमयता प्रकट हुई है। गोपियों पर श्रीकृष्ण के प्रेम का ऐसा रंग चढ़ा है कि खुद कृष्ण का भेजा योग संदेश कड़वी ककड़ी और योग व्याधि के समान लगता है, जिसे वे किसी भी दशा में अपनाने को तैयार नहीं हैं।


9. गोपियों के अनुसार राजा का धर्म क्या होना चाहिए?

उत्तर: गोपियों के अनुसार, राजा का धर्म होना चाहिए कि वह प्रजा को अन्याय से बचाए। उन्हें सताए जाने से रोके अर्थात सुखी रखे।


10. गोपियों को कृष्ण में ऐसे कौन-से परिवर्तन दिखाई दिए जिनके कारण वे अपना मन वापस पा लेने की बात कहती हैं?

उत्तर: गोपियों को कृष्ण में ऐसे अनेक परिवर्तन दिखाई दिए जिनके कारण वे अपना मन श्रीकृष्ण से वापस पाना चाहती हैं; जैसे

(क) श्रीकृष्ण अब राजनीति का पाठ कर चुके हैं  जिसके कारण उनके व्यवहार में परिवर्तन आया है।

(ख) वे अब प्रेम की मर्यादा पालन नहीं कर रहे हैं।

(ग) श्रीकृष्ण अब राजधर्म भूलते जा रहे हैं और वे अपनी प्रजा को सुखी नहीं रख रहे हैं। 

(ड) दूसरों को अत्याचार से छुड़ाने वाले श्रीकृष्ण अब स्वयं अनीति पर उतर आए हैं और योग-सन्देश भेज कर हमारे प्रीत का अपमान किये जा रहे हैं।


11. गोपियों ने अपने वाक्चातुर्य के आधार पर ज्ञानी उद्धव को परास्त कर दिया, उनके वाक्चातुर्य की विशेषताएँ लिखिए?

उत्तर: गोपियाँ वाक्चतुर हैं। वे बात बनाने में माहिर हैं । यहाँ तक कि ज्ञानी उद्धव उनके सामने गैंगे होकर खड़े रह जाते हैं। जिस प्रकार वे अपनी  प्रीती को बचाने के लिए उद्धव को बातें सुनाती हैं उनकी उलाहना कर, उनकी तुलना कमल के पत्ते, तेल की गागर से करती हैं  यह दर्शाता है उनका प्रेम श्री कृष्ण के लिए। यही आवेग उद्धव की बोलती बंद कर देता है। सच्चे प्रेम में इतनी शक्ति है कि बड़े-से-बड़ा ज्ञानी भी उसके सामने घुटने टेक देता है।


12. संकलित पदों को ध्यान में रखते हुए सूर के भ्रमरगीत की मुख्य विशेषताएँ बताइए?

उत्तर: सूरदास के पदों के आधार पर भ्रमरगीत की कुछ विशेषताएँ निम्नलिखित हैं :

(क) पदों में गेयता और संगीतात्मकता का गुण है।

(ख) इस गीत में सगुण ब्रह्म की सराहना है।

(ग) इसमें गोपियों के माध्यम से उपालंभ, वाक्पटुता, व्यंग्यात्मकता का भाव मुखरित हुआ है।

(घ) उद्धव के ज्ञान पर गोपियों के वाक्चातुर्य और प्रेम की विजय का चित्रण है।

(य) सूरदास के भ्रमरगीत में विरह व्यथा का मार्मिक वर्णन है।

(र) गोपियों का कृष्ण के प्रति एकनिष्ठ प्रेम का प्रदर्शन है।


रचना और अभिव्यक्ति

13. गोपियों ने उद्धव के सामने तरह-तरह के तर्क दिए हैं, आप अपनी कल्पना से और तर्क दीजिए।

उत्तर: कुछ ऐसे तर्क दिऐ जा सकते है। जैसे की:

(1) कृष्ण ने तो हमसे मिलने का वादा किया था। ना ही उन्होंने प्रेम धर्म निभाया और ना ही राजधर्म।

(2) हम गोपियां तो केवल सच्चा प्रेम करना जानती है इसलिए हमें योग साधना का संदेश देना बिल्कुल उचित नहीं है।

(3) योग संदेश कृष्ण कुब्जा को क्यों नहीं देते अगर वह इतना ही प्रभावशाली है। और यह बताओ कि जिसकी जुबान पर कृष्ण का मीठा रस चढ़ गया हो वह योग जैसे कठिन मार्ग का संदेश क्यों सुनेगा व करेगा।

(4) याेग का मार्ग गोपियों के बस की बात नहीं है क्योंकि गोपियों का शरीर कोमल और मन मधुर है। यह कठोर साधना गोपियों के कर पाने की बात नहीं है।

14. उद्धव ज्ञानी थे, नीति की बातें जानते थे; गोपियों के पास ऐसी कौन-सी शक्ति थी जो उनके वाक्चातुर्य में मुखरित हो उठी?

उत्तर: उद्धव ज्ञानी थे, नीति की बातें जानते थे परंतु उन्हें व्यावहारिकता का अभाव था जिसका उपयोग गोपियों ने किया और कहा कि उद्धव को श्रीकृष्ण से अनुराग नहीं हो सका, इसलिए उन्होंने कहा था, ‘प्रीति नदी में पाउँ न बोरयो’ जिसका उत्तर उद्धव नहीं दे पाए थे। गोपियाँ कृष्ण के प्रति असीम, अनंत लगाव रखती थी। जबकि उद्धव को प्रेम जैसी भावना से कोई मतलब न था। उद्धव को इस स्थिति में चुप देखकर उनकी वाक्चातुर्य और भी मुखर हो उठी।

15. गोपियों ने यह क्यों कहा कि हरि अब राजनीति पढ़ आए हैं? क्या आपको गोपियों के इस कथन का विस्तार समकालीन राजनीति में नज़र आता है, स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: श्री कृष्ण मथुरा के राजा बन जाते हैं और वृन्दावन छोड़ देते हैं परन्तु उन्हें प्रेम करने वाली गोपियाँ पीछे ही छूठ जाती हैं। गोपियाँ विरह में श्री कृष्ण के वापिस आने की लम्बी प्रतीक्षा करती हैं परन्तु उनकी जगह उनका दूत आता है जो कि कृष्ण से दूर ले जाने वाला योग-संदेश लाता है तो उन्हें इसमें कृष्ण की एक चाल नज़र आती है। वे इसे अपने साथ छल समझने लगती हैं। इसीलिए उन्होंने आरोप लगाया कि “हरि हैं राजनीति पढ़ि आए।”


आज की राजनीति तो सिर से पैर तक छल-कपट से भरी हुई है। किसी को किसी भी राजनेता के वायदों पर विश्वास नहीं रह गया है। नेता बातों से नदियाँ, पुल, सड़कें और न जाने क्या-क्या बनाते हैं किंतु जनता लुटी-पिटी-सी नजर आती है। आज़ादी के बाद से गरीबी हटाओ का नारा लग रहा है किंतु तब से लेकर आज तक गरीबों की कुल संख्या में वृद्धि ही हुई है। इसलिए गोपियों का यह कथन समकालीन राजनीति पर खरा उतरता है।


Learnings of NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitij Chapter 1 Surdas

  1. Understanding Devotion: Students learn the concept of unconditional love and devotion through the Gopis’ deep emotions.

  2. Symbolism in Poetry: Gain insights into how Surdas uses nature and everyday objects to express deep emotions.

  3. Spiritual Values: The chapter highlights spiritual lessons about love, humility, and surrender to the divine.

  4. Cultural Importance: Students understand the cultural and historical context of Bhakti poetry and its influence.

  5. Expressing Emotions: The solutions help students comprehend how poets like Surdas convey complex emotions in a simple yet profound way.


Conclusion 

NCERT Solutions for Class 10 Hindi Chapter 1 Surdas gives students a deeper understanding of the Bhakti movement and the devotion that defines this era. The solutions simplify the essence of Surdas' poetic expressions, focusing on the Gopis' emotional and spiritual connection with Krishna. By understanding the themes of love, devotion, and humility, students can prepare well for their exams and develop a greater appreciation for devotional poetry. These solutions provide all the necessary explanations to help students grasp the essence of Chapter 1.


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FAQs on NCERT Solutions For Class 10 Hindi Kshitij Chapter 1 Surdas (2025-26)

1. What is explained in Surdas ke Pad in Class 10 Hindi Kshitij Chapter 1?

In Class 10 Hindi Kshitij Chapter 1 – Surdas ke Pad, students read and interpret a set of lyrical poems by Surdas that express devotion, emotions, and philosophy. The NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitij Chapter 1 help students understand meanings, themes, and language of these poems.

2. Where can I find Surdas ke Pad question answer explanations for Class 10 Hindi?

Surdas ke Pad question answer sections are fully solved in the NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitij Chapter 1 available on Vedantu as a FREE PDF download. Each question from the textbook is explained clearly with references to the original verses.

3. How do Vedantu’s NCERT Solutions help with Surdas ke Pad Class 10 question answers?

Vedantu’s class 10 surdas ke pad question answer explanations show how to interpret poetic lines, explain imagery and emotions, and frame answers that match CBSE expectations. The solutions use simple Hindi and textbook language to make learning easier.

4. Are these answers suitable for Class 10 Hindi board and term exams?

Yes, class 10 hindi chapter 1 surdas ke pad question answer solutions provided here are written as per the NCERT textbook and CBSE pattern. They help students write accurate answers in both periodic and annual exams.

5. Are short and long answer formats included in the Surdas ke Pad solutions?

Yes, the NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitij Chapter 1 include both short answer and long answer formats where applicable, enabling students to practise different types of questions from Surdas ke Pad.

6. How do these solutions help in understanding poetic devices used by Surdas?

The class 10th kshitij chapter 1 question answer solutions explain poetic devices like metaphor, imagery, and devotional expressions used in Surdas ke Pad, helping students appreciate literature and answer related questions confidently.

7. Can NCERT Solutions improve my answer writing in Hindi exams?

Absolutely! By practising Surdas ke Pad Class 10 question answer solutions on Vedantu, students learn how to frame answers clearly, include relevant textual references, and maintain correct Hindi grammar — all of which improve exam performance.

8. Who should refer to the Surdas ke Pad question answer solutions?

Students preparing for Class 10 Hindi, homework, or revision should refer to these NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitij Chapter 1 to strengthen their understanding of Surdas ke Pad and to answer questions accurately.

9. Do these solutions cover all textbook questions from Surdas ke Pad?

Yes, all questions given in the Class 10 Hindi Kshitij Chapter 1 textbook (Surdas ke Pad) are answered in the NCERT Solutions. Nothing is skipped.

10. Why is Surdas ke Pad an important lesson in Class 10 Hindi?

Surdas ke Pad introduces students to devotional poetry and rich Hindi literature. The class 10 surdas ke pad question answer solutions help students understand subtle meanings, deepen literary appreciation, and improve their reading and writing skills.